अंबाला तहसील शराब पार्टी पर विज सख्त:

अंबाला तहसील में शराब पार्टी पर मचा बवाल: अनिल विज ने जताई कड़ी नाराज़गी, जांच के आदेश
हरियाणा के अंबाला जिले की एक तहसील में हाल ही में हुई एक कथित शराब पार्टी को लेकर बवाल मच गया है। इस मामले में राज्य के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज ने सख्त रुख अपनाया है। विज ने इस घटना पर गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इसकी पूरी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

📌 क्या है मामला?
सूत्रों के अनुसार, अंबाला की एक तहसील के सरकारी कार्यालय में कार्यरत कुछ कर्मचारियों द्वारा कार्यालय समय के बाद एक कमरे में शराब पार्टी आयोजित की गई। यह मामला तब उजागर हुआ जब पार्टी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कुछ लोग सरकारी दस्तावेजों और फाइलों के बीच शराब पीते नजर आ रहे हैं।

यह घटना जैसे ही सामने आई, जिला प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक हड़कंप मच गया। आम जनता और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की तीखी आलोचना की, और सरकारी दफ्तर की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।

📣 अनिल विज का बयान
अनिल विज ने इस मामले में सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा:

“अगर कोई भी सरकारी कर्मचारी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्यालयों को मयखाना नहीं बनने दिया जाएगा।”

उन्होंने इस मामले में डीसी अंबाला को निर्देश दिए कि वे पूरी घटना की जांच करें और दोषियों की पहचान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। विज ने यह भी संकेत दिया कि अगर ज़रूरत पड़ी तो एसआईटी (Special Investigation Team) से भी जांच कराई जाएगी।

🔍 प्रशासन की प्रतिक्रिया
अंबाला के डिप्टी कमिश्नर ने घटना पर संज्ञान लेते हुए संबंधित तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है। तहसील कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, और उन सभी से पूछताछ की जाएगी जो उस दिन कार्यालय में उपस्थित थे।

⚖️ कानूनी पहलू
हरियाणा सरकार की सेवा शर्तों के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी कार्यस्थल पर नशा करने का दोषी पाया जाता है तो उस पर निलंबन, वेतन कटौती, और यहां तक कि बर्खास्तगी तक की कार्यवाही की जा सकती है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि अगर शराब पार्टी की पुष्टि होती है तो भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई संभव है, जैसे:

सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना (जहां निषेध है)

सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग

सरकारी कार्य में बाधा डालना

🙍‍♂️ जनता और सामाजिक संगठनों की नाराजगी
अंबाला के स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है। कई संगठनों ने कहा है कि सरकारी दफ्तरों में इस प्रकार का आचरण पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।

एक स्थानीय एनजीओ सदस्य ने कहा:

“जनता का काम करने वाले लोग अगर खुद ही कानून तोड़ने लगें तो जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?”

📅 आगे की कार्रवाई
वीडियो की सत्यता की जांच के लिए साइबर सेल को भेजा गया है।

संभावित कर्मचारियों के कॉल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबन और विभागीय जांच शुरू की जाएगी।

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